1. अरपानेट की जड़ें और IPv4 का जन्म (1973–1981)
विंटन सेर्फ़ और रॉबर्ट कान ने टीसीपी/आईपी का आविष्कार किया। सितंबर 1981 में जॉन पोस्टेल द्वारा RFC 791 के तहत IPv4 को औपचारिक रूप दिया गया। 1 जनवरी 1983 (Flag Day) को पूरी दुनिया का नेटवर्क टीसीपी/आईपी पर आ गया।
2. 32 बिट ही क्यों चुने गए?
RFC 791 ने 32-बिट पते दिए (4.29 अरब)। 1981 के दौर में यह संख्या शोधकर्ताओं के लिए असीमित प्रतीत होती थी।
3. क्लास आधारित युग और एड्रेस संकट (1981–1993)
क्लास A, B, C की कठोर व्यवस्था से क्लास B के पते तेजी से खत्म होने लगे।
4. समय बचाने वाले आविष्कार: CIDR, NAT व RFC 1918 (1993–1996)
- CIDR (RFC 1519 - 1993): क्लासलेस सबनेटिंग और राउटिंग एग्रीगेशन।
- निजी आईपी ब्लॉक (RFC 1918 - 1996): आंतरिक नेटवर्क हेतु ब्लॉक (
10.0.0.0/8,172.16.0.0/12,192.168.0.0/16)। - NAT (RFC 1631 - 1994): नेटवर्क एड्रेस ट्रांसलेशन से लाखों डिवाइस एक पब्लिक आईपी साझा करते हैं।
5. IPv5 को क्या हुआ?
Version Bit Nibble:
0100 (Binary 4) = IPv4 (RFC 791)
0101 (Binary 5) = ST / ST-II (Internet Stream Protocol - RFC 1190 & RFC 1819)
0110 (Binary 6) = IPv6 (RFC 2460 & RFC 8200)
संस्करण 5 प्रयोगात्मक इंटरनेट स्ट्रीम प्रोटोकॉल (ST / ST-II, RFC 1190) को आवंटित था, इसलिए अगली पीढ़ी को सीधे IPv6 नाम दिया गया।
6. IPv6 का मानकीकरण (1994–1998)
स्टीव डीयरिंग और रॉबर्ट हिंडन के प्रस्ताव पर 1998 में RFC 2460 जारी हुआ, जिसे 2017 में RFC 8200 के तहत स्थायी मानक बनाया गया।
7. IPv4 समाप्ति की समयसीमा
Timeline of IPv4 Exhaustion Milestones:
• Feb 3, 2011: IANA distributes the final five /8 blocks to the 5 RIRs.
• Apr 15, 2011: APNIC (Asia-Pacific) exhausts standard free pool.
• Sep 14, 2012: RIPE NCC (Europe & Middle East) exhausts free pool.
• Jun 10, 2014: LACNIC (Latin America & Caribbean) exhausts free pool.
• Sep 24, 2015: ARIN (North America) exhausts free pool.
• Nov 25, 2019: RIPE NCC allocates its very last remaining IPv4 block.
8. वर्तमान और भविष्य: डुअल-स्टैक और IPv6-Only
आज प्रमुख मोबाइल दूरसंचार नेटवर्क 464XLAT (RFC 6877) के साथ केवल IPv6 पर चलते हैं।